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भारतीय अर्थव्यवस्था में विदेशी निवेश को नई गति देने और ऋण बाजार को मजबूत करने के लिए सरकार ने एक बेहद अहम कदम उठाया है। एक ताजा अधिसूचना के अनुसार, सरकार ने विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) को एक बड़ी कर राहत दी है। विदेशी निवेशक अब बिना भारी टैक्स के भारत की सरकारी प्रतिभूतियों में अपना पैसा लगा सकेंगे, जिससे बाजार में विदेशी पूंजी के प्रवाह में तेजी आने की उम्मीद है।

आधिकारिक अधिसूचना के मुताबिक, सरकार ने एक विशेष अध्यादेश प्रख्यापित किया है। इस अध्यादेश का सीधा और मुख्य उद्देश्य विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) द्वारा किए गए निवेश को कर मुक्त बनाना है। इस नए नियम के लागू होने के बाद, यदि कोई एफआईआई भारत की सरकारी प्रतिभूतियों में निवेश करता है, तो उस निवेश से होने वाले मुनाफे पर उसे अब कोई पूंजीगत लाभ कर नहीं चुकाना होगा।

सरकारी प्रतिभूतियां (जी-सैक्स) अनिवार्य रूप से केंद्र या राज्य सरकारों द्वारा अपनी वित्तीय जरूरतों को पूरा करने के लिए जारी किए गए सुरक्षित ऋण साधन होते हैं। आमतौर पर, जब विदेशी संस्थागत निवेशक इन प्रतिभूतियों को खरीदकर उन पर मुनाफा कमाते थे, तो उन्हें उस लाभ पर भारत में टैक्स देना पड़ता था। लेकिन, सरकार द्वारा जारी किए गए इस नए अध्यादेश के तहत कैपिटल गेन्स टैक्स में दी गई यह छूट भारतीय सरकारी ऋण बाजार को विदेशी निवेशकों के लिए कहीं अधिक आकर्षक और लाभदायक बना देगी।

पूंजीगत लाभ कर से छूट मिलने का सीधा अर्थ है कि विदेशी निवेशकों का कर का बोझ कम होगा, जिससे उनका शुद्ध मुनाफा बढ़ जाएगा। इस कदम से भारतीय सरकारी बॉन्ड बाजार में विदेशी संस्थागत निवेशकों की भागीदारी में भारी उछाल आने की संभावना है। विदेशी मुद्रा का यह प्रवाह अर्थव्यवस्था में तरलता को बढ़ाएगा और सरकार के लिए अपने विकास और बुनियादी ढांचे की परियोजनाओं के लिए बाजार से आवश्यक धन जुटाना अधिक सुविधाजनक हो जाएगा।

Source: https://www.amarujala.com/business/business-diary/government-promulgates-ordinance-capital-gains-tax-exempted-for-fiis-in-government-securities-2026-06-05