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क्या आपको पता है, इन दोनों तरीकों से होने वाली कमाई पर आयकर के नियम पूरी तरह अलग हैं? अगर आप भी बिना समझे इस खेल में कूद रहे हैं, तो टैक्स विभाग के नियमों को समझ लीजिए, ताकि बाद में पछताना न पड़े।
आयकर कानून के अनुसार, वायदा और विकल्प (F&O) से होने वाली आय या घाटे को गैर-सट्टा व्यवसाय आय माना जाता है। इसे सामान्य व्यापार से होने वाली आय की तरह ही देखा जाता है।
इसमें राहत यह है कि इस घाटे को आप उसी वित्तीय वर्ष में वेतन की आय को छोड़कर किसी भी अन्य आय (जैसे मकान का किराया या अन्य व्यापारिक लाभ) के साथ समायोजित कर सकते हैं। बचे हुए घाटे को आगे के 8 वर्षों तक ले जाना संभव है।
आयकर रिटर्न भरने के लिए ITR-3 या ITR-4 का इस्तेमाल होता है। अगर आपकी आय 2.5 लाख रुपये से अधिक है या आपका कुल टर्नओवर 25 लाख रुपये से ज्यादा है, तो आपको अनिवार्य रूप से बुक्स ऑफ अकाउंट्स रखनी होगी।
टैक्स ऑडिट लागू नहीं है, तब रिटर्न भरने की आखिरी तारीख 31 अगस्त 2026 है। टैक्स ऑडिट की जरूरत होने पर अंतिम तिथि 31 अक्तूबर, 2026 तय की गई है। समय पर रिटर्न न भरने पर घाटे को आगे ले जाने का लाभ नहीं मिलेगा।
तारीख पता है? मेनबोर्ड/एसएमई आईपीओ लिस्टिंग 8 जून: एसएमआर ज्वेल्स लि. (64 करोड़ रुपये), मेरीट्रोनिक्स लि. (70 करोड़ रुपये) 9 जून: हेक्जागोन न्यूट्रिशन लि. (139 करोड़ रुपये) 11 जून: वाह केमिकल्स (13 करोड़), यूएचएम वेकेशन लि. (36 करोड़) 12 जून: सीएमआर ग्रीन टेक्नोलॉजी (631 करोड़ रुपये), जेनएक्सएआई एनालिटिक्स लि. (53 करोड़ रुपये) वित्तीय घोषणा 12 जून: उपभोक्ता महंगाई डिस्क्लेमर : अपना पैसा में छपे विचार, राय और निवेश संबंधी सुझाव अलग-अलग विशेषज्ञों, ब्रोकर फर्मों या रिसर्च संस्थानों के हैं। इनसे अखबार या उसके प्रबंधन कीं सहमति जरूरी नहीं है। कृपया किसी भी तरह का निवेश फैसला लेने से पहले अपने पंजीकृत वित्तीय सलाहकार से सलाह जरूर लें। इस जानकारी के आधार पर होने वाले किसी भी नुकसान की जिम्मेदारी अखबारे या उसके प्रबंधन की नहीं होगी।
Source: https://www.amarujala.com/business/bonus/intraday-trading-and-f-o-income-understanding-the-tax-rules-before-you-trade-2026-06-08