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अमेरिका और ब्रिटेन के अलावा बयान जारी करने वाले देशों में फिलीपींस, जापान, ऑस्ट्रेलिया, न्यूजीलैंड, कनाडा, जर्मनी, इटली, एस्टोनिया, लातविया, लिथुआनिया, रोमानिया और स्लोवेनिया शामिल हैं।
इन देशों ने कहा, हम क्षेत्र में शांति और स्थिरता को खतरे में डालने वाली किसी भी अस्थिर या एकतरफा कार्रवाई का कड़ा विरोध करते हैं, जिसमें बल या दबाव का इस्तेमाल भी शामिल है।
उन्होंने कहा कि तटरक्षक बल, सैन्य बल और समुद्री मिलिशिया के जरिये दूसरे देशों की समुद्री या हवाई गतिविधियों में बाधा डालना, डराना या परेशान करना स्वीकार नहीं किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि ऐसी गतिविधियां कर्मचारियों और मछुआरों की सुरक्षा को खतरे में डालती हैं और क्षेत्रीय शांति व सुरक्षा को कमजोर करती हैं।
देशों ने कहा कि समुद्र में जहाजों की आवाजाही और हवाई उड़ानों की स्वतंत्रता बनी रहनी चाहिए।
उन्होंने जोर दिया कि समुद्री विवादों का समाधान 1982 के संयुक्त राष्ट्र समुद्री कानून समझौते के अनुसार शांतिपूर्ण तरीके से किया जाना चाहिए।
Source: https://www.amarujala.com/world/14-nations-eu-reaffirm-2016-ruling-invalidating-china-s-claims-in-south-china-sea-2026-07-12