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पश्चिम एशिया में जारी तनाव और वैश्विक सुरक्षा चुनौतियों के बीच भारत ने मंगलवार को कई अहम जानकारियां साझा कीं। विदेश मंत्रालय ने बताया कि होर्मुज जलडमरूमध्य से भारतीय जहाजों की आवाजाही जारी है और अब तक 11 भारत-गामी जहाज सुरक्षित तरीके से इस मार्ग से गुजर चुके हैं। वहीं, कतर के रास लाफान औद्योगिक शहर में हुए गैस संयंत्र विस्फोट में 12 भारतीय नागरिकों की मौत की पुष्टि भी की गई है। इसके अलावा भारत-चीन संबंधों, ब्रिक्स देशों की सुरक्षा बैठक और पाकिस्तान के आरोपों पर भी सरकार ने अपना पक्ष रखा है।

विदेश मंत्रालय के अनुसार, 17 जून को समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर होने के बाद से अब तक 11 भारत-गामी जहाज होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजर चुके हैं। इनमें तीन भारतीय ध्वज वाले कच्चा तेल टैंकर शामिल हैं, जिनमें प्रत्येक में करीब 2.85 लाख मीट्रिक टन कच्चा तेल लदा हुआ है। इसके अलावा एक विदेशी ध्वज वाला एलपीजी वाहक, एक विदेशी ध्वज वाला कच्चा तेल टैंकर और छह विदेशी ध्वज वाले उर्वरक ढोने वाले मालवाहक जहाज भी शामिल हैं। मंत्रालय ने कहा कि क्षेत्र में स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।

सिंधु जल संधि को लेकर पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ के 'युद्ध' वाले बयान पर भी तीखी प्रतिक्रिया दी। कहा कि पाकिस्तान इस तरह के बयान देकर अपनी नाकामियों और मानवाधिकार उल्लंघनों से ध्यान भटकाने की कोशिश कर रहा है। भारत पाकिस्तान के इन मनगढ़ंत दावों को पूरी तरह खारिज करता है। दरअसल, ख्वाजा आसिफ ने हाल ही में कहा था कि अगर पाकिस्तान की जल सुरक्षा को खतरा हुआ तो उनका देश भारत के खिलाफ युद्ध करने से भी पीछे नहीं हटेगा। यह बयान ऐसे समय आया है, जब भारत ने स्पष्ट कर दिया है कि सिंधु जल संधि को स्थगित रखने का उसका फैसला फिलहाल अपरिवर्तित रहेगा।

रणधीर जायसवाल ने कतर के रास लाफान इंडस्ट्रियल सिटी गैस सुविधा केंद्र में हुए विस्फोट को बेहद दुखद बताया। उन्होंने कहा कि इस हादसे में 12 भारतीय नागरिकों की मौत हुई है। इसके अलावा कई अन्य देशों के नागरिक भी मारे गए हैं। कुल 66 लोग घायल हुए हैं, हालांकि अभी यह स्पष्ट नहीं है कि इनमें कितने भारतीय शामिल हैं। विदेश मंत्रालय ने कहा कि सभी घायल सुरक्षित हैं और भारतीय दूतावास स्थानीय प्रशासन के संपर्क में है। मृतकों के शवों की पहचान और उन्हें भारत लाने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है। सरकार मृतकों के परिजनों के संपर्क में भी है।

विदेश मंत्रालय ने राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल और चीन के विदेश मंत्री वांग यी के बीच हुई बैठक की जानकारी भी दी। मंत्रालय के अनुसार, दोनों नेताओं ने द्विपक्षीय संबंधों में हाल के घटनाक्रमों की समीक्षा की और संबंधों को धीरे-धीरे सामान्य बनाने की दिशा में हुई प्रगति पर संतोष जताया। अजीत डोभाल ने कहा कि स्थिर, भरोसेमंद और रचनात्मक द्विपक्षीय संबंध दोनों देशों के बीच विश्वास बढ़ाने में मदद करेंगे। मंत्रालय ने इन चर्चाओं को सकारात्मक और भविष्य की दिशा तय करने वाला बताया।

विदेश मंत्रालय ने बताया कि ब्रिक्स देशों के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकारों की बैठक में गैर-पारंपरिक सुरक्षा चुनौतियों, नई तकनीकों से पैदा हो रहे खतरों और आतंकवाद से निपटने के मुद्दों पर चर्चा हुई। अजीत डोभाल ने ईरान, ब्राजील, चीन, दक्षिण अफ्रीका और इथियोपिया के प्रतिनिधियों से द्विपक्षीय बैठकें भी कीं। वहीं, पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा मोहम्मद आसिफ के बयान पर भारत ने कड़ी प्रतिक्रिया दी।

Source: https://www.amarujala.com/india-news/randhir-jaiswal-statement-10-indian-ship-vessels-present-in-persian-gulf-mea-tells-about-india-china-talks-2026-06-23