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पश्चिम एशिया में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव के चलते जुलाई के दौरान वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में 20 प्रतिशत से अधिक की तेज बढ़ोतरी हुई। इसके बावजूद भारतीय रुपया केवल 0.8 प्रतिशत ही कमजोर हुआ। बैंक ऑफ बड़ौदा (BoB) की एक शोध रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिकी डॉलर की कमजोरी, विदेशी पूंजी का मजबूत प्रवाह और भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के सक्रिय हस्तक्षेप ने रुपये को बड़ी गिरावट से बचाए रखा।
Source: https://www.amarujala.com/business/business-diary/oil-prices-high-yet-rupee-remains-strong-how-did-rbi-and-capital-inflows-take-charge-and-prevent-situation-2026-08-02