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इंजन डिलीवरी में देरी के कारण तेजस कार्यक्रम की रफ्तार अपेक्षाकृत धीमी रही।
तेजस मार्क-1ए के लिए 2021 में अमेरिकी कंपनी जीई (GE) के साथ 99 F404 इंजनों की डील हुई थी।
भारतीय वायुसेना प्रमुख पहले भी तेजस की डिलीवरी में देरी पर नाराजगी जता चुके हैं।
तेजस के प्रमुख वेरिएंट: मार्क-1, मार्क-1ए, ट्रेनर एयरक्राफ्ट और मार्क-2।
तेजस मार्क-2 सबसे उन्नत संस्करण होगा, जिस पर अभी काम चल रहा है।
भारतीय वायुसेना को 42 फाइटर स्क्वॉड्रनों की जरूरत है, जबकि वर्तमान में केवल 29 स्क्वॉड्रन हैं।
वायुसेना अब तक 40 तेजस लड़ाकू विमान अपने बेड़े में शामिल कर चुकी है।
एचएएल के साथ 83 तेजस मार्क-1ए विमानों की डील हो चुकी है, लेकिन उनकी डिलीवरी अभी शुरू नहीं हुई है।
इन 83 विमानों से वायुसेना के 4 नए फाइटर स्क्वॉड्रन तैयार होंगे।
अतिरिक्त 97 तेजस मार्क-1ए विमानों की खरीद को भी मंजूरी मिल चुकी है।
कुल 11 तेजस स्क्वॉड्रनों में से 2 स्क्वॉड्रन वायुसेना में शामिल हो चुके हैं।
9 तेजस स्क्वॉड्रन अभी वायुसेना में शामिल होने बाकी हैं।
Source: https://www.amarujala.com/india-news/delay-in-delivery-of-tejas-mark-1a-aircraft-review-meeting-proposed-for-this-month-2026-06-08