मुख्य न्यायाधीश ने सभी नव-नामित 207 AOR को बधाई देते हुए कहा कि वे आज देश की न्यायिक व्यवस्था की सबसे प्रतिष्ठित पेशेवर संस्थाओं में से एक का हिस्सा बने हैं. उन्होंने कहा कि AOR का दायित्व केवल मुकदमों की पैरवी तक सीमित नहीं है, बल्कि सुप्रीम कोर्ट में न्यायिक परंपराओं और न्याय प्रशासन की गरिमा को बनाए रखना भी है.

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