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श्रीराम जन्मभूमि मंदिर की दान पेटिका से जुड़ी कथित अनियमितताओं की जांच के लिए गठित तीन सदस्यीय विशेष जांच दल (एसआईटी) सोमवार दोपहर करीब 2:50 बजे अयोध्या पहुंचा। टीम ने पहुंचते ही मामले से जुड़े दस्तावेजों, अभिलेखों और वित्तीय रिकॉर्ड की जांच शुरू कर दी। शासन की ओर से एसआईटी को सात दिन में प्रारंभिक रिपोर्ट और 15 दिन में अंतिम रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया गया है। ऐसे में अब पूरी रामनगरी की निगाहें इस जांच पर टिक गई हैं।
अयोध्या। देशभर से दर्शन के लिए पहुंचे श्रद्धालुओं के बीच भी राम मंदिर की दान पेटिका में अनियमितता मामले को लेकर चर्चा है। श्रद्धालुओं का कहना है कि दान भगवान के प्रति श्रद्धा और समर्पण का प्रतीक होता है। ऐसे में दान राशि के प्रबंधन को लेकर किसी प्रकार का संदेह नहीं रहना चाहिए। लोगों की अपेक्षा है कि जांच के बाद पूरी तस्वीर सामने आए और भविष्य के लिए व्यवस्था और मजबूत बनाई जाए। झांसी के गजेंद्र यादव ने कहा कि यह मामला करोड़ों हिंदुओं की आस्था से जुड़ा है, इसलिए इसकी निष्पक्ष और पारदर्शी जांच होना बेहद आवश्यक है। फरीदाबाद की श्रद्धालु निकिता ने एसआईटी पर भरोसा जताते हुए कहा कि जांच एजेंसी तथ्यों के आधार पर सत्य को सामने लाएगी। छत्तीसगढ़ से आए महेश ने उम्मीद जताई कि जांच में किसी भी स्तर पर लापरवाही नहीं बरती जाएगी और यदि कोई व्यक्ति दोषी पाया जाता है तो उसके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए।
महंत वैदेही बल्लभ शरण ने बताया कि राम मंदिर करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र है, इसलिए दानराशि से जुड़े किसी भी मामले की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच होनी चाहिए। हालांकि हमें ट्रस्ट पर पूरा भरोसा है, क्योंकि ट्रस्ट में जो लोग हैं वो संघ से जुड़े रहे हैं और संघ तपोनिष्ठ और ईमानदार कार्यकर्ताओं का संगठन है। हालांकि पूरे मामले में सच सामने आने से श्रद्धालुओं का विश्वास मजबूत होगा।
महंत जयराम दास ने बताया कि मुख्यमंत्री के स्तर पर जांच हो रही है, दूध का दूध पानी का पानी होना तय है। एसआईटी जांच में 2020 से राम मंदिर में जिन कर्मियों की नियुक्तियां हुई हैं, उनकी भी जांच की जानी चाहिए। जो 10 हजार वेतन पा रहे हैं और लाखों की संपदा बना लिए हैं, ऐसे लोगों की संपदा की रिकवरी हो। मामले में संलिप्त लोगों की नियुक्ति कराने वालों पर भी कार्रवाई हो, वो जहां ट्रस्टी ही क्यों न हों।
श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के सदस्य महंत दिनेंद्र दास ने कहा कि एसआईटी जांच के माध्यम से सच्चाई सामने आएगी और जो भी तथ्य होंगे, वे सार्वजनिक होंगे। यह प्रभु श्रीराम का दरबार है, यहां किसी के साथ अन्याय नहीं होगा। राम खुद ही न्याय कर लेंगे। राम मंदिर ट्रस्ट ने स्वयं जांच की मांग कर यह स्पष्ट कर दिया है कि वह पारदर्शिता और जवाबदेही के पक्ष में है।
बजरंग दल के संस्थापक सदस्य विनय कटियार ने बताया कि चढ़ावा चोरी के मामले से बहुत बड़ा दर्द हुआ है, चोरों को माफ नहीं करेंगे। सबको ठीक करेंगे। ये सब जेल जाएंगे। छोड़ा नहीं जाएगा। जहां दो दिन या चार दिन में जाएंगे, किसी को नहीं छोड़ेंगे। राम मंदिर के ट्रस्टी भी जांच के दायरे में हैं, किसी को भी बख्शा नहीं जाना चाहिए। सब की जांच हो रही है। एसएसपी इन लोगों के हाथों में हथकड़ी लगाएंगे।
राम मंदिर चढ़ावा प्रकरण को लेकर बाबरी मस्जिद के पूर्व पैरोकार इकबाल अंसारी ने निष्पक्ष और पारदर्शी जांच की मांग की है। उन्होंने एसआईटी पर भरोसा जताते हुए कहा कि जांच पूरी ईमानदारी और निष्पक्षता से होनी चाहिए तथा दोषियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए। अंसारी ने कहा कि भगवान का पैसा कहीं नहीं जाएगा, भगवान स्वयं अपने पैसे को ढूंढ लेंगे। उन्होंने कहा कि कथित रूप से धन कहां गया, किस तरह गड़बड़ी हुई और इसमें कौन लोग शामिल हैं, इसकी गहन जांच होनी चाहिए।
Source: https://www.amarujala.com/lucknow/ram-mandir-donation-embezzlement-sit-enters-the-fray-in-ayodhya-major-update-on-day-one-this-is-the-sole-to-2026-06-15