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- रेलवे ने नए रिफार्म के तहत फ्लाई ऐश के परिवहन में बदलाव किया है। अब पावर प्लांट से निकलने वाली फ्लाई ऐश (राख) को खुले वैगनों की बजाय विशेष बंद कंटेनरों में ढोया जाएगा। इससे धूल उड़ने और प्रदूषण की समस्या कम होगी, जबकि ऊपर से लोडिंग की सुविधा से परिवहन भी अधिक सुरक्षित और आसान बनेगा।

- मंत्रालय ने कंटेनर परिवहन को बढ़ावा देने के लिए लाइसेंस व्यवस्था आसान कर दी है। अब कंटेनर संचालन के लिए एकीकृत (यूनिफाइड) लाइसेंस सिस्टम लागू होगा। इससे अधिक कंपनियां इस कारोबार से जुड़ सकेंगी और उद्योग को स्थिरता मिलेगी।

- किसानों को समय पर उर्वरक उपलब्ध कराने के लिए रेलवे ने नई व्यवस्था लागू की है। अब उर्वरकों की ढुलाई कंटेनरों के जरिए भी की जा सकेगी। अलग अलग मालभाड़ा स्लैब की जगह किराया प्रति टन प्रति किलोमीटर के आधार पर तय होगा। रेलवे के मुताबिक, इससे उर्वरकों का परिवहन तेज होगा और समय पर आपूर्ति सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी।

- रेलवे परियोजनाओं में काम करने वाले श्रमिकों के लिए स्किल टेस्ट और प्रमाणपत्र अनिवार्य कर दिया है। अब केवल प्रशिक्षित और प्रमाणित श्रमिकों को ही रेलवे के निर्माण कार्यों में काम दिया जाएगा। इससे परियोजनाओं की गुणवत्ता और सुरक्षा बेहतर होगी।

- नए सुधारों के तहत निर्माण कार्यों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए ठेकेदारों के नियम कड़े किए हैं। उनके काम की नियमित जांच होगी। ठेकेदारों को परफॉर्मेंस सिक्योरिटी के तौर पर दस प्रतिशत राशि जमा करनी होगी। केवल वही कंपनियां पात्र होंगी, जिनके लंबित कानूनी मामले उनकी कुल संपत्ति (नेटवर्थ) के 50 प्रतिशत से अधिक नहीं होंगे। साथ ही, ठेकेदारों के लिए ऑल रिस्क इंश्योरेंस और प्रोफेशनल इंडेम्निटी इंश्योरेंस कराना भी अनिवार्य होगा।

- नए रिफॉर्म के तहत रेलवे ने उद्योगों को अपनी जरूरत के मुताबिक वैगन डिजाइन करने की अनुमति दी है। पहले यह काम केवल आरडीएसओ करता था। अब कंपनियों के डिजाइन को सुरक्षा मानकों पर जांच के बाद आरडीएसओ मंजूरी देगा।

- पेट्रोलियम उत्पादों की सुरक्षित और आसान ढुलाई के लिए रेलवे ने नई व्यवस्था लागू की है। अब तेल कंपनियां अपनी जरूरत के अनुसार टैंक वैगन डिजाइन कराकर उन्हें खरीद या लीज पर ले सकेंगी।

- अनाज और दालों के परिवहन में होने वाले नुकसान को रोकने के लिए रेलवे ने कंटेनर से ढुलाई की अनुमति दी है। इससे खाद्यान्न नमी, धूल और गंदगी से सुरक्षित रहेगा। साथ ही, किराया अब प्रति टन प्रति किलोमीटर के आधार पर तय होगा।

Source: https://www.amarujala.com/india-news/indian-railways-unveils-8-key-reforms-allows-firms-to-decide-wagon-design-2026-07-14