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उत्तराखंड की ऐपण कला (शिव पेंटिंग): ऐपण उत्तराखंड के कुमाऊं क्षेत्र की एक पारंपरिक लोक कला है। इसे मुख्य रूप से महिलाएं त्योहारों के मौके पर गेरू (लाल मिट्टी) के बेस पर चावल के पेस्ट (बिस्वार) से बनाती हैं। भगवान शिव को समर्पित इस पेंटिंग में पवित्र ज्यामितीय आकृतियां बनी हैं, जो ब्रह्मांड की ऊर्जा को दर्शाती हैं। यह तोहफा भारत और इंडोनेशिया के साझा सांस्कृतिक संबंधों का प्रतीक है।
मनोहारी गोल्ड टी (असम की दुर्लभ चाय): यह असम की सबसे बेहतरीन और चुनिंदा चाय में से एक है। इसे जून के महीने में सूरज की रोशनी में प्राकृतिक रूप से सुखाकर तैयार किया जाता है। इसके अनोखे सुनहरे रंग और लाजवाब स्वाद के कारण यह दुनिया की सबसे दुर्लभ चाय मानी जाती है, क्योंकि यह रोजाना सिर्फ 25 ग्राम ही बनकर तैयार होती है।
कश्मीरी पेपर-मैशी बाउल (कटोरा): यह कश्मीर के प्रसिद्ध हस्तशिल्प का एक बेहतरीन नमूना है। इसे कागज की लुगदी से पूरी तरह हाथ से बनाया गया है और इस पर पारंपरिक 'नक्काशी' तकनीक से फूलों और पक्षियों के बेहद खूबसूरत चित्र उकेरे गए हैं। अंत में सोने की नक्काशी और चमकदार लाक (lacquer) से इसे सजाया गया है, जो शांति और प्रकृति के साथ तालमेल को दर्शाता है।
नक्काशीदार चांदी की सजावटी प्लेट (सिल्वर प्लेट): इस चांदी की प्लेट को 'रिपोसे' (Repoussé) तकनीक यानी हाथ से ठोककर और उभारकर तैयार किया गया है। इसके बीच में कमल का फूल बना है और चारों तरफ हाथी, पेड़ और फूलों के बॉर्डर बने हैं। कमल शुद्धता का और हाथी ताकत व समृद्धि का प्रतीक है। चूंकि हाथी दोनों देशों के प्राकृतिक जुड़ाव को भी दिखाता है, इसलिए यह तोहफा भारत-इंडोनेशिया की दोस्ती को और मजबूत करता है।
ओडिशा की पारंपरिक इकत सिल्क (ओडिशा इकत): प्रधानमंत्री ने इंडोनेशिया की संसद अध्यक्ष पुआन महारानी को ओडिशा की प्रसिद्ध 'इकत' (Bandha) हैंडलूम सिल्क भेंट की। यह कपड़ा अपनी खास 'टाई-एंड-डाई' (धागों को बांधकर रंगने की) तकनीक के लिए जाना जाता है। इसकी खासियत यह है कि कपड़े के दोनों तरफ एक जैसे ही जीवंत पैटर्न और डिजाइन दिखाई देते हैं। यह कपड़ा ओडिशा की शानदार बुनाई परंपरा का प्रतीक है।
इंडियन प्रीमियम कॉफी बॉक्स: इस बॉक्स में भारत के अलग-अलग कॉफी उत्पादक क्षेत्रों की सबसे बेहतरीन कॉफी की किस्में शामिल हैं। यह बॉक्स भारत के आधुनिक कॉफी उद्योग, पर्यावरण के अनुकूल खेती और भारतीय किसानों की कड़ी मेहनत को दर्शाता है।
'कॉलोनियल कजन्स' का विनाइल रिकॉर्ड: यह उपहार संगीत के शौकीनों के लिए बेहद खास है। 1990 के दशक में मशहूर गायक हरिहरन और लेस्ली लुईस (कॉलोनियल कजन्स) ने भारतीय शास्त्रीय संगीत और पश्चिमी पॉप-रॉक संगीत को मिलाकर एक नया फ्यूजन तैयार किया था। इस एल्बम के विनाइल एडिशन (ग्रामोफोन रिकॉर्ड) को देकर भारत ने संगीत के इस ऐतिहासिक पल को साझा किया।
जनजातीय ढोकरा बोट स्कल्पचर (नाव की मूर्ति): प्राचीन 'लॉस्ट-वैक्स' कास्टिंग तकनीक से बनी पीतल की यह मूर्ति एक पारंपरिक नाव को दिखाती है, जिसमें आदिवासी पुरुष और महिलाएं सवार हैं। यह मूर्ति एकता, सहयोग और मिलकर आगे बढ़ने का संदेश देती है। भारत-ऑस्ट्रेलिया के संदर्भ में, यह नाव दोनों देशों के बीच आपसी विश्वास और हिंद-प्रशांत क्षेत्र में एक सुरक्षित व समृद्ध भविष्य के लिए मिलकर चलने के सफर को दर्शाती है।
उत्तराखंडी टोपी (पहाड़ी टोपी): यह पारंपरिक पहाड़ी टोपी उत्तराखंड की सांस्कृतिक पहचान है। इसे ऊंचे दर्जे के ऊन से हाथ से बनाया जाता है, जिस पर एक रंग-बिरंगी बुनी हुई पट्टी (बैंड) लगी होती है। यह टोपी उत्तराखंड में गर्व, सम्मान और मेहमाननवाजी का प्रतीक मानी जाती है।
भारतीय महिला हॉकी टीम की हस्ताक्षरित हॉकी स्टिक: यह एक बेहद खास खेल स्मारक है। इस हॉकी स्टिक पर भारतीय महिला हॉकी टीम के सभी खिलाड़ियों के हस्ताक्षर (साइन) हैं। यह स्टिक न्यूजीलैंड में आयोजित 'एफआईएच हॉकी महिला नेशंस कप' में भारतीय टीम की ऐतिहासिक जीत की याद दिलाती है। यह तोहफा टीम भावना, कड़ी मेहनत और वैश्विक मंच पर भारत की खेल प्रतिभा का जश्न मनाता है।
Source: https://www.amarujala.com/india-news/pm-modi-s-special-gifts-what-did-the-leaders-of-indonesia-australia-and-new-zealand-receive-see-the-list-2026-07-12