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इस साल पाकिस्तान ने अमेरिका और ईरान के बीच मध्यस्थता में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी, जिसकी सार्वजनिक तौर पर ट्रंप प्रशासन ने भी तारीफ की थी। एक पाकिस्तानी सूत्र ने दावा किया कि लीबिया को लेकर पाकिस्तान की पहल के बारे में अमेरिका जानता है और वह भी इसमें शामिल है।
रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि इस कोशिश को सऊदी अरब का भी समर्थन मिला हुआ है। पिछले साल पाकिस्तान और सऊदी अरब के बीच रक्षा समझौता हुआ था। सऊदी अरब लंबे समय से लीबिया में अपना प्रभाव बनाए रखने की कोशिश कर रहा है।
रिपोर्ट के अनुसार, यह मध्यस्थता पिछले साल के आखिर में शुरू हुई थी। हालांकि इस मामले पर पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय, सेना की मीडिया शाखा, लीबिया के पूर्वी और पश्चिमी प्रशासन तथा कतर, तुर्किए, सऊदी अरब और अमेरिका के विदेश मंत्रालयों की ओर से कोई प्रतिक्रिया नहीं दी गई है।
पाकिस्तान लंबे समय से हाशिए पर था और आर्थिक और कूटनीतिक मोर्चे पर भारत ने उसे दुनियाभर में अलग-थलग करने में सफलता हासिल कर ली थी। हालांकि ऑपरेशन सिंदूर के बाद पाकिस्तान ने ट्रंप की चापलूसी कर उनका समर्थन हासिल कर लिया। उसके बाद से कूटनीतिक स्तर पर पाकिस्तान को फिर से संजीवनी मिली है। यही वजह रही कि अमेरिका के समर्थन से पाकिस्तान ने अमेरिका और ईरान युद्ध में मध्यस्थता की।
अब पाकिस्तान के लीबिया गृहयुद्ध में भी मध्यस्थता की कोशिश करने की रिपोर्ट आई है। इससे यकीनन पाकिस्तान की सॉफ्ट पावर में इजाफा होगा।
इनके अलावा पाकिस्तान ने सऊदी अरब के साथ अहम रक्षा समझौता किया है और वह अन्य मुस्लिम देशों के साथ मिलकर इस्लामिक नाटो जैसा संगठन बनाने की कोशिश कर रहा है। पाकिस्तान खुद को इस्लामिक दुनिया का एकमात्र परमाणु संपन्न ताकत बताकर पहले ही खुद को इस्लामिक दुनिया में अहम बनाने की कोशिश कर रहा है।
चीन का समर्थन पहले से ही पाकिस्तान को मिला हुआ है और पाकिस्तान को सैन्य रूप से मजबूत करने में चीन की भूमिका किसी से छिपी नहीं है।
आशंका है कि पाकिस्तान इस सॉफ्ट पावर का इस्तेमाल भारत के खिलाफ कर सकता है और जम्मू कश्मीर मुद्दे को फिर से जिंदा करने की कोशिश कर सकता है, जो अनुच्छेद 370 हटने के बाद से मरणासन्न स्थिति में है। यही वजह है कि पाकिस्तान का कूटनीति स्तर पर बढ़ता प्रभाव कहीं न कहीं भारत के लिए चिंता का विषय हो सकता है।
Source: https://www.amarujala.com/world/pakistan-mediate-in-libya-with-usa-support-claim-reports-how-it-dangerous-for-india-2026-07-07