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स्पेन- लक्ष्य का समर्थन किया, लेकिन कहा कि इतना खर्च किए बिना भी नाटो की जिम्मेदारियां निभा सकता है।

बेल्जियम- अब तक पुराने दो प्रतिशत लक्ष्य तक पहुंचने में भी संघर्ष कर रहा है।

इटली- रक्षा बजट बढ़ाने पर वित्तीय दबाव का सामना कर रहा है।

कनाडा- रक्षा खर्च बढ़ा रहा है, लेकिन पांच प्रतिशत लक्ष्य से अभी काफी दूर है।

लक्जमबर्ग- छोटा रक्षा बजट होने के कारण बड़े लक्ष्य तक पहुंचना चुनौतीपूर्ण माना जा रहा है।

स्पेन इसका सबसे प्रमुख विरोधी है। उसका कहना है कि पांच प्रतिशत खर्च किए बिना भी नाटो की सुरक्षा जरूरतें पूरी की जा सकती हैं।

कुछ अन्य यूरोपीय देशों ने भी आर्थिक बोझ और घरेलू बजट पर दबाव का हवाला देते हुए लक्ष्य हासिल करने में समय मांगा है, हालांकि उन्होंने औपचारिक रूप से लक्ष्य का विरोध नहीं किया है।

कई देशों के लिए दो से सीधे पांच प्रतिशत जीडीपी तक रक्षा खर्च बढ़ाना आसान नहीं है।

बढ़ते रक्षा बजट का असर स्वास्थ्य, शिक्षा और सामाजिक कल्याण योजनाओं पर पड़ सकता है।

यही वजह है कि नाटो अब सभी देशों से केवल वादा नहीं, बल्कि स्पष्ट और समयबद्ध रोडमैप भी मांग रहा है।

Source: https://www.amarujala.com/world/nato-chief-demands-credible-defence-spending-plans-ahead-of-ankara-summit-which-countries-oppose-and-support-2026-07-07