19 जुलाई की तड़के 3 बजे श्रवण कुमार हमेशा की तरह नदी के पानी में बहकर आने वाली लकड़ियां इकट्ठा करने गए थे, जिससे उनके घर का खाना बनता है. जब पानी गांव में घुसने लगा तो वे बचवा कार्य में लग गए.
Source: https://ndtv.in/india/assam-floods-rescue-deaths-class-10-dropout-rescues-thousands-people-no-training-11855181#publisher=newsstand