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देशभर में मतदाता सूची को दुरुस्त और अद्यतन करने के लिए चुनाव आयोग ने विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) अभियान शुरू कर दिया है। इस अभियान के तहत दिल्ली, महाराष्ट्र, झारखंड, कर्नाटक और मेघालय में बूथ लेवल अधिकारी (बीएलओ) घर-घर जाकर मतदाताओं का सत्यापन करेंगे। इस अभियान का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी पात्र मतदाता सूची से बाहर न रहे और अपात्र नामों को सूची से हटाया जा सके। चुनाव आयोग का कहना है कि इससे मतदाता सूची अधिक सटीक और पारदर्शी बनेगी।

दिल्ली, महाराष्ट्र, झारखंड, कर्नाटक और मेघालय में विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान शुरू हो गया है। दिल्ली में 13 हजार से अधिक बीएलओ तैनात किए गए हैं। महाराष्ट्र में एक लाख से अधिक बीएलओ घर-घर जाकर मतदाताओं का सत्यापन करेंगे। कर्नाटक में 59 हजार से अधिक बूथ स्तर अधिकारी इस अभियान में जुटे हैं, जबकि मेघालय के पूर्वी खासी हिल्स जिले में 1,021 बीएलओ तैनात किए गए हैं। झारखंड में भी घर-घर गणना प्रपत्र वितरण का काम शुरू हो चुका है।

विशेष गहन पुनरीक्षण प्रक्रिया के तहत बीएलओ प्रत्येक घर पर जाकर मतदाताओं को गणना प्रपत्र देंगे। मतदाताओं को फॉर्म में दर्ज जानकारी की जांच करनी होगी और उसे भरकर बीएलओ को वापस देना होगा। मतदाता चाहें तो बीएलओ की पहचान सुनिश्चित करने के लिए उनका पहचान पत्र भी देख सकते हैं। यदि किसी घर पर बीएलओ के पहुंचने के समय ताला लगा मिलता है, तो अधिकारी फॉर्म छोड़कर जाएंगे और कम से कम तीन बार दोबारा वहां पहुंचने का प्रयास करेंगे।

कर्नाटक में इस अभियान के तहत 5 करोड़ 54 लाख से अधिक मतदाताओं का सत्यापन किया जाएगा। राज्य में 31 जिला निर्वाचन अधिकारी, चार अतिरिक्त जिला निर्वाचन अधिकारी, 224 निर्वाचक पंजीकरण अधिकारी, 336 सहायक निर्वाचक पंजीकरण अधिकारी और 7,556 बीएलओ सुपरवाइजर तैनात किए गए हैं। इसके अलावा 1.15 लाख से अधिक बूथ लेवल एजेंट भी इस प्रक्रिया में सहयोग कर रहे हैं।

कर्नाटक के मुख्य निर्वाचन अधिकारी वी. अंबु कुमार ने स्वयं गणना प्रपत्र भरकर लोगों से इस अभियान में भाग लेने की अपील की है। वहीं, राज्य के गृह मंत्री प्रियंक खरगे ने इस प्रक्रिया की पारदर्शिता को लेकर चिंता जताई है। उन्होंने चुनाव आयोग से मतदाता हटाने के मानदंड, दस्तावेजों की सूची और तकनीकी प्रक्रिया को सार्वजनिक करने की मांग की है।

चुनाव आयोग ने मतदाता सत्यापन के लिए कई दस्तावेजों को मान्यता दी है। इनमें जन्म प्रमाण पत्र, पासपोर्ट, दसवीं की अंकतालिका, निवास प्रमाण पत्र, जाति प्रमाण पत्र, सरकारी पहचान पत्र, परिवार रजिस्टर, भूमि या मकान आवंटन प्रमाण पत्र, वन अधिकार प्रमाण पत्र, राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर से संबंधित दस्तावेज और आधार कार्ड शामिल हैं। हालांकि, आयोग ने स्पष्ट किया है कि प्रारंभिक चरण में सभी मतदाताओं को दस्तावेज जमा करने की आवश्यकता नहीं होगी। केवल उन मामलों में अतिरिक्त दस्तावेज मांगे जाएंगे, जहां जानकारी की पुष्टि आवश्यक होगी।

घर-घर सत्यापन और गणना प्रपत्रों का वितरण 29 जुलाई तक चलेगा। इसके बाद 5 अगस्त को प्रारूप मतदाता सूची प्रकाशित की जाएगी। मतदाता 5 अगस्त से 4 सितंबर तक दावे और आपत्तियां दर्ज करा सकेंगे। इन दावों और आपत्तियों के निस्तारण के बाद 7 अक्टूबर को अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित होगी। चुनाव आयोग ने सभी पात्र मतदाताओं से इस अभियान में सक्रिय रूप से भाग लेने और समय सीमा के भीतर गणना प्रपत्र जमा करने की अपील की है, ताकि उनका नाम मतदाता सूची में सही तरीके से दर्ज रह सके।

Source: https://www.amarujala.com/india-news/voter-list-sir-mega-drive-begins-door-to-door-verification-in-delhi-jharkhand-karnataka-meghalaya-maharashtra-2026-06-30