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मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन परियोजना पूरी रफ्तार से आगे बढ़ रही है। इस कड़ी में महाराष्ट्र में ठाणे क्रीक (संकरी समुद्री खाड़ी) के नीचे रेल सुरंग बनाने के लिए शनिवार को दूसरी टनल बोरिंग मशीन (टीबीएम) ने खोदाई का काम शुरू कर दिया। इस काम को अंजाम दे रही नेशनल हाई स्पीड रेल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (एनएचएसआरसीएल) ने यह जानकारी दी। इसके मुताबिक, टीबीएम ने सावली (घंसोली) से विक्रोली की ओर खोदाई का काम शुरू किया। यह बुलेट ट्रेन परियोजना के 10 किलोमीटर लंबे भूमिगत हिस्से का भाग है, जिसमें सात किलोमीटर का सबसे अहम हिस्सा ठाणे क्रीक के समुद्र तल के नीचे बनेगा। यह किसी भी रेल गलियारे के लिए देश की पहली समुद्र के नीचे बनी सुरंग होगी। समुद्र के नीचे वाला यह हिस्सा हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर के 21 किलोमीटर लंबे भूमिगत नेटवर्क का हिस्सा है। इसमें से सावली और मुंबई के बांद्रा कुर्ला कॉम्प्लेक्स (बीकेसी) के बीच 16 किलोमीटर का काम टीबीएम का इस्तेमाल करके किया जा रहा है, जबकि बाकी पांच किलोमीटर का हिस्सा न्यू ऑस्ट्रियन टनलिंग मेथड का इस्तेमाल से पहले ही पूरा किया जा चुका है। पहली टीबीएम ने इससे पहले पांच जुलाई को विक्रोली से बीकेसी की तरफ अपनी छह किलोमीटर की खोदाई शुरू की थी। एनएचएसआरसीएल का कहना है कि यह टीबीएम भारत में रेल सुरंग बनाने के लिए इस्तेमाल की गई अब तक की सबसे बड़ी मशीनों में से एक है। इस मशीन में चार मंजिला इमारत की ऊंचाई के बराबर का 13.6 मीटर व्यास वाला कटरहेड है। इसका वजन 500 एशियाई हाथियों के वजन के बराबर 3,200 टन है। पूरी मशीन की लंबाई 96 मीटर है।
Source: https://www.amarujala.com/india-news/maharashtra-updates-mumbai-ahmedabad-bullet-train-second-tbm-undersea-tunnel-mumbai-nagpur-pune-politics-news-2026-07-19