बॉम्बे हाई कोर्ट ने बीएमसी को एक बच्ची के जन्म प्रमाणपत्र में दर्ज पिता का नाम बदलने का आदेश दिया। डीएनए जांच और जैविक माता-पिता के हलफनामे के आधार पर अदालत ने कहा कि जन्म प्रमाणपत्र में वास्तविक जैविक पिता का नाम ही दर्ज होना चाहिए।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पति, पत्नी और 'वो' के रिश्ते से जुड़े एक असामान्य मामले में बॉम्बे हाई कोर्ट ने महत्वपूर्ण फैसला सुनाते हुए एक बच्ची के जन्म प्रमाणपत्र में दर्ज पिता का नाम बदलने का आदेश दिया है। अदालत ने कहा कि जब डीएनए जांच और दोनों जैविक माता-पिता के हलफनामे से बच्ची के असली पिता की पहचान साबित हो चुकी है, तो जन्म प्रमाणपत्र में उसी व्यक्ति का नाम दर्ज होना चाहिए। अदालत ने बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) को निर्देश दिया कि वह जन्म प्रमाणपत्र में महिला के पूर्व पति का नाम हटाकर बच्ची के जैविक पिता (biological father) का नाम दर्ज करते हुए नया बर्थ सर्टिफिकेट जारी करें।
Source: https://www.amarujala.com/india-news/pati-patni-aur-woh-saga-reaches-bombay-high-court-father-s-name-changed-in-daughter-s-birth-certificate-2026-07-15