खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें

या वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें

अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो

दक्षिण-पूर्वी दिल्ली के माउंट कैलाश में 15 साल से घर में काम कर रही घरेलू सहायिका की हत्या के आरोप में गिरफ्तार त्वचा रोग विशेषज्ञ डॉ. मनीष गुप्ता को लेकर सामने आ रही जानकारियां कई सवाल खड़े कर रही हैं। पड़ोसियों, दोस्तों और मरीजों का कहना है कि वारदात से कुछ दिन पहले डॉक्टर के व्यवहार में ऐसे बदलाव दिखे थे, जो अब इस सनसनीखेज हत्याकांड के बाद चर्चा का विषय बन गए हैं।

रहने लगे थे अधिक खामोश डॉ. गुप्ता को जानने वाले लोगों के मुताबिक घटना से करीब तीन-चार दिन पहले वह सामान्य से अधिक खामोश और अलग-थलग रहने लगे थे। कुछ पड़ोसियों ने बताया कि वह पहले की तुलना में कम बातचीत कर रहे थे, जबकि कुछ मरीजों ने भी उनके व्यवहार में बदलाव महसूस किया था। हालांकि उस समय किसी ने इसे गंभीरता से नहीं लिया।

लेते थे अवसाद की दवाई करीबी लोगों का यह भी कहना है कि उन्हें जानकारी थी कि डॉ. गुप्ता अवसाद से जुड़ी दवाएं ले रहे हो सकते थे, लेकिन वह अपनी निजी जिंदगी के बारे में बहुत कम बात करते थे। ऐसे में किसी को उनके मानसिक हालात के बारे में ज्यादा जानकारी नहीं थी।

मददगार और समाजसेवी छवि भी थी हैरानी की बात यह है कि जिस डॉक्टर पर आज हत्या का आरोप है, वही डॉक्टर इलाके में अपनी मददगार और समाजसेवी छवि के लिए पहचाने जाते थे। घरेलू सहायिकाओं का कहना है कि उन्होंने कई बार उनका और उनके परिवार के सदस्यों का मुफ्त या रियायती इलाज किया था। एक महिला ने बताया कि हाल ही में डॉक्टर ने उसके बेटे की त्वचा संबंधी बीमारी का उपचार किया था।

कोरोना में भी दिया था सहयोग पशु कल्याण के क्षेत्र में भी डॉ. गुप्ता सक्रिय माने जाते थे। उनके करीबी बताते हैं कि किसी भी चैरिटी अभियान या पशु संरक्षण से जुड़े काम में वह सबसे पहले सहयोग के लिए आगे आते थे। कोरोना काल में जरूरतमंदों तक ऑक्सीजन सिलेंडर पहुंचाने की मुहिम में भी उन्होंने योगदान दिया था।

Source: https://www.amarujala.com/photo-gallery/delhi-ncr/shocking-facts-emerge-regarding-doctor-who-murdered-maid-at-mount-kailash-2026-06-19