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वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने लोकसभा में एक लिखित उत्तर में बताया कि निर्धारण वर्ष (एवाई) 2025-26 में 576 व्यक्तियों ने 100 करोड़ रुपये से अधिक की वार्षिक आय दर्ज की है। यह संख्या निर्धारण वर्ष 2021-22 में 142 थी। इस अवधि में करीब 300 फीसदी की वृद्धि दर्ज की गई है। ऐसे उच्च आय वाले करदाताओं की संख्या निर्धारण वर्ष 2022-23 में 301 थी।
आय असमानता पर एक प्रश्न के जवाब में सरकार ने कहा कि हाल के संकेतक देश भर में आय वितरण और रोजगार में सुधार की ओर इशारा करते हैं। घरेलू उपभोग व्यय सर्वेक्षण (एचसीईएस) 2023-24 का हवाला देते हुए सरकार ने बताया कि गिनी गुणांक ग्रामीण क्षेत्रों में 0.266 (2022-23) से घटकर 0.237 हो गया है। शहरी क्षेत्रों में यह 0.314 से घटकर 0.284 हो गया है। यह ग्रामीण-शहरी अंतर के कम होने का संकेत देता है।
सरकार ने श्रम बाजार की स्थितियों में सुधार पर भी प्रकाश डाला। नवीनतम आवधिक श्रम बल सर्वेक्षण (पीएलएफएस) के अनुसार, 15 वर्ष और उससे अधिक आयु के व्यक्तियों के लिए बेरोजगारी दर 2023-24 में घटकर 3.1 फीसदी हो गई है। यह आंकड़े बेहतर रोजगार परिदृश्य को दर्शाते हैं।
सरकार प्रगतिशील कराधान, रोजगार सृजन पहल और स्वास्थ्य, शिक्षा, आवास व ग्रामीण विकास पर उच्च सार्वजनिक व्यय के संयोजन के माध्यम से आय असमानता को दूर कर रही है। सरकार ने यह भी कहा कि बुनियादी ढांचा-आधारित निवेश और लक्षित कर प्रोत्साहन भी रोजगार सृजन व समावेशी आर्थिक वृद्धि का समर्थन करने के उद्देश्य से हैं।
Source: https://www.amarujala.com/business/business-diary/number-of-taxpayers-with-over-rs-100-crore-income-jumps-300-percent-government-2026-07-27