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पॉलीसिस्टिक ओवरी सिंड्रोम (पीसीओएस) से पीड़ित महिलाओं के लिए ये काम की खबर है। एम्स नई दिल्ली के विशेषज्ञों ने अध्ययन के जरिए पता लगाया है कि पीसीओएस में योग एक प्रभावी और कम खर्चीला उपचार विकल्प बन सकता है। अध्ययन में पाया गया है कि नियमित योगाभ्यास न केवल हार्मोनल असंतुलन को सुधारता है, बल्कि शरीर में सूजन, ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस, इंसुलिन रेजिस्टेंस और मानसिक तनाव को भी कम कर सकता है। अध्ययन में 12 सप्ताह तक नियमित योग करने वाली महिलाओं में मासिक धर्म की नियमितता बढ़ी, पुरुष हार्मोन का स्तर घटा, वजन और कोलेस्ट्रॉल कम हुआ तथा कुछ महिलाओं में गर्भधारण तक संभव हुआ। पीसीओएस महिलाओं में होने वाला एक सामान्य हार्मोनल विकार है, जो दुनिया भर में प्रजनन आयु की लगभग 5 से 20 प्रतिशत महिलाओं को प्रभावित करता है। अध्ययन की अगुवाई एम्स, नई दिल्ली के एनाटॉमी विभाग की लैब फॉर मॉलिक्यूलर रिप्रोडक्शन एंड जेनेटिक्स की प्रोफेसर रिमा दादा ने किया। अध्ययन में स्त्री एवं प्रसूति रोग विभाग की डॉ. रीता माहे, डॉ. नीना मल्होत्रा शामिल रहे।

Source: https://www.amarujala.com/india-news/yoga-offers-a-remedy-for-various-ailments-affecting-women-it-can-even-help-resolve-infertility-issues-2026-06-18