सुप्रीम कोर्ट की अधिवक्ता आरुषी कुलश्रेष्ठ के अनुसार, FIR शिकायतकर्ता के कहने भर से खत्म नहीं होती, लेकिन पुलिस जांच, क्लोजर रिपोर्ट या हाईकोर्ट के आदेश के जरिए कुछ मामलों में इसे रद्द कराया जा सकता है.
Source: https://ndtv.in/education/can-fir-be-withdrawn-or-cancelled-after-registration-supreme-court-lawyer-explains-11833438#publisher=newsstand