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पिता को किसी भी घर की सबसे मजबूत दीवार माना जाता है। हर मुश्किल में परिवार का सहारा बनने वाले, परिवार पर आने वाली किसी भी मुसीबत का एहसास तक न होने देने वाले पिता की सेहत को लेकर आप कितने अलर्ट हैं? आज फादर्स डे है। पिता के त्याग, प्रेम और परिवार के लिए उनके योगदान को सम्मान देने के लिए हर साल जून महीने के तीसरे रविवार को ये खास दिन मनाया जाता है।
60 के बाद नियमित जांच जरूरी स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि नियमित स्वास्थ्य जांच, संतुलित आहार, शारीरिक सक्रियता, पर्याप्त नींद और समय पर डॉक्टरी सलाह उम्र बढ़ने के साथ होने वाली स्वास्थ्य समस्याओं को कम करने में मददगार हो सकते हैं। इस फादर्स डे पर आप अपने पिता को हेल्थ चेकअप के लिए जरूर ले जाएं। इसके अलावा नियमित रूप से कुछ लक्षणों पर ध्यान देते रहें ताकि किसी भी समस्या को समय रहते पहचानकर उसका उपचार किया जा सके।
सीने में दर्द या चलते समय सांस तो नहीं फूलता? 60 वर्ष के बाद सीने में जकड़न, दबाव, दर्द या थोड़ी मेहनत में सांस फूलना हृदय संबंधी समस्या का संकेत हो सकता है।
कई लोगों में दिल की बीमारियों का दर्द केवल सीने तक सीमित नहीं रहता, बल्कि कंधे, बांह, गर्दन, जबड़े या पीठ तक फैल सकता है।
हाई ब्लड प्रेशर, डायबिटीज, धूम्रपान, बढ़ा हुआ कोलेस्ट्रॉल और मोटापा इन जोखिमों को बढ़ाते हैं।
यदि ये लक्षण बार-बार हों या अचानक शुरू हों, तो तुरंत अपने पिता को डॉक्टर के पास ले जाएं।
बार-बार पेशाब आने या पेशाब करने में कठिनाई की दिक्कत तो नहीं? बढ़ती उम्र के पुरुषों में प्रोस्टेट ग्रंथि का बढ़ना आम है। इसके कारण रात में कई बार पेशाब आना, पेशाब करने में कठिनाई या मूत्राशय पूरी तरह खाली न होने का एहसास हो सकता है।
ये लक्षण हमेशा कैंसर का संकेत नहीं होते, लेकिन इन्हें नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।
60 की उम्र के बाद पुरुषों में प्रोस्टेट की समस्या का खतरा काफी बढ़ जाता है।
समय पर पहचान से उपचार से बड़े खतरे को टाला जा सकता है।
अचानक भूलने की आदत या व्यवहार में बदलाव तो नहीं? कभी-कभार चीजें भूल जाना सामान्य हो सकता है, लेकिन यदि आपके पित बार-बार रास्ता भूलने लगे हैं, परिचित लोगों को पहचानने में कठिनाई हो, रोजमर्रा के काम में परेशानी आ रही हो तो यह संज्ञानात्मक समस्या का संकेत हो सकता है।
याददाश्त में गिरावट कई कारणों से हो सकती है, जिनमें विटामिन की कमी, थायरॉयड विकार या न्यूरोडीजेनेरेटिव रोग शामिल हैं।
शुरुआती जांच से कारणों की पहचान और इलाज हो सकता है।
भूलने की समस्या और व्यवहार में बदलाव अल्जाइमर रोग का लक्षण भी हो सकता है, जो 60 की उम्र के बाद काफी आम है।
Source: https://www.amarujala.com/photo-gallery/lifestyle/fitness/fathers-day-2026-disease-risk-and-symptomes-to-identify-in-father-after-age-60-health-tips-2026-06-21