खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
18 वर्षीय स्टार लामिन यमाल की वापसी ने स्पेन को नई ऊर्जा दी। मैच के शुरुआती मिनटों से ही यामाल ने अपनी ड्रिब्लिंग और रफ्तार से सऊदी रक्षा पंक्ति को परेशान करना शुरू कर दिया।
10वें मिनट में यमाल ने टूर्नामेंट का अपना पहला गोल दागते हुए स्पेन को बढ़त दिलाई। यह गोल उनके लिए खास था क्योंकि पिछले मुकाबले में वह प्रभाव नहीं छोड़ पाए थे।
30वें मिनट में मिकेल ओयारजाबाल ने स्पेन की बढ़त दोगुनी कर दी। कॉर्नर से मिले मौके का फायदा उठाते हुए उन्होंने गेंद को जाल में पहुंचाया।
इसके सिर्फ तीन मिनट बाद ओयारजाबाल ने दूसरा गोल दाग दिया। यह गोल स्पेन की शानदार टीमवर्क का नतीजा था और पूरे टूर्नामेंट के सबसे खूबसूरत गोलों में शामिल किया जा सकता है।
ब्रेक के बाद स्पेन ने चौथा गोल भी हासिल कर लिया। दानी ओल्मो के प्रयास के बाद गेंद सऊदी डिफेंडर हसन अलतांबाक्ती से टकराकर गोल में चली गई और स्कोर 4-0 हो गया। इसके बाद स्पेन ने गेंद पर नियंत्रण बनाए रखा और मुकाबले को आराम से अपने नाम कर लिया।
इस जीत के साथ स्पेन के चार अंक हो गए हैं और उसने नॉकआउट चरण की दिशा में मजबूत कदम बढ़ा दिया है। वहीं सऊदी अरब सिर्फ एक अंक के साथ मुश्किल स्थिति में पहुंच गया है।
अगर विश्व कप 2026 की सबसे बड़ी कहानी तलाशनी हो तो वह निश्चित रूप से केप वर्डे है।
विश्व कप में पहली बार खेल रही इस छोटी अफ्रीकी टीम ने पहले स्पेन को रोका और अब उरुग्वे को भी जीत नहीं लेने दी।
21वें मिनट में केविन पीना ने शानदार फ्री-किक पर गोल दागकर इतिहास रच दिया। यह केप वर्डे का विश्व कप इतिहास में पहला गोल था। गोल होते ही स्टेडियम में मौजूद केप वर्डे समर्थकों के बीच जश्न की लहर दौड़ गई।
पहले गोल के बाद उरुग्वे ने अनुभव का परिचय दिया। मैक्सी अराउजो और अगुस्टिन कानोब्बियो ने कुछ ही मिनटों के अंतराल में गोल कर स्कोर 2-1 कर दिया। हाफ टाइम तक ऐसा लग रहा था कि उरुग्वे मुकाबला आसानी से जीत लेगा।
इंगलवुड में खेले गए मुकाबले में ईरान और बेल्जियम ने 0-0 की बराबरी खेली।
हालांकि स्कोरलाइन साधारण दिखती है, लेकिन मैच में रोमांच की कमी नहीं थी।
66वें मिनट में बेल्जियम के डिफेंडर नाथन नगोय को सीधा रेड कार्ड दिखाया गया।
उन्होंने मेहदी तारेमी को गोल की ओर बढ़ने से रोकने के लिए फाउल किया था।
इसके बाद बेल्जियम को बाकी मैच 10 खिलाड़ियों के साथ खेलना पड़ा।
एक खिलाड़ी अधिक होने के बावजूद ईरान गोल नहीं कर सका। बेल्जियम ने उल्टा अंतिम मिनटों में ज्यादा खतरनाक मौके बनाए।
गोलकीपर अलीरेजा बेइरानवंद ने सात शानदार बचाव किए और ईरान को मैच में बनाए रखा।
दूसरी ओर थिबाउट कोर्टुआ ने भी कई महत्वपूर्ण बचाव किए।
मेहदी तारेमी ने शुरुआती दौर में गोल किया था, लेकिन वीडियो समीक्षा में उन्हें ऑफसाइड करार दिया गया।
बेल्जियम ने टूर्नामेंट में अब तक दो मैच खेले हैं लेकिन एक भी नियमित गोल नहीं कर पाया है। उसके खाते में सिर्फ एक आत्मघाती गोल दर्ज है।
रोमेलु लुकाकू की वापसी भी टीम को राहत नहीं दिला सकी। वहीं स्टार विंगर जेरेमी डोकू बीमारी के कारण मैच नहीं खेल सके।
ऑप्टा के अनुसार ईरान ने विश्व कप 1966 के बाद किसी भी मैच में सबसे उम्रदराज शुरुआती एकादश उतारी। अनुभव के बावजूद टीम जीत हासिल नहीं कर सकी।
Source: https://www.amarujala.com/sports/football/spain-bounce-back-in-style-cape-verde-stuns-again-iran-hold-10-man-belgium-in-fifa-world-cup-2026-highlights-2026-06-22