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आठवें वेतन आयोग की प्रक्रिया की शुरुआत पिछले साल हुई थी।
16 जनवरी 2025 को केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने घोषणा की थी कि प्रधानमंत्री ने 8वें केंद्रीय वेतन आयोग के गठन को मंजूरी दे दी है।
इसके साथ ही केंद्र सरकार के कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के वेतन, भत्तों और पेंशन की समीक्षा की प्रक्रिया शुरू हो गई।
सरकार के इस फैसले का लाभ लगभग 50 लाख केंद्रीय कर्मचारियों और 65 लाख पेंशनधारकों को मिलेगा।
फिटमेंट फैक्टर एक तय नंबर (गुणांक) होता है, जिसे कर्मचारियों की मौजूदा बेसिक सैलरी (मूल वेतन) से गुणा किया जाता है।
उदाहरण के लिए, सातवें वेतन आयोग में इसे 2.57 तय किया गया था, जिससे कर्मचारियों की न्यूनतम बेसिक सैलरी ₹7,000 से सीधे बढ़कर ₹18,000 हो गई थी।
फिटमेंट फैक्टर 2.10 होने पर नई बेसिक 37,800 रुपये होगी।
2.57 होने पर नई बेसिक 46,260 रुपये होगी।
2.86 होने पर नई बेसिक 51,480 रुपये होगी।
ऑल इंडिया एनपीएस एम्प्लॉई फेडरेशन (AINPSEF) के विशेषज्ञों ने 2.10 फिटमेंट फैक्टर का अनुमान लगाया है। उनका तर्क है कि अगर वर्तमान बेसिक वेतन के साथ 58 प्रतिशत डीए, एचआरए और ट्रांसपोर्ट अलाउंस को जोड़कर गणना की जाए तो फिटमेंट फैक्टर लगभग 2.06 निकलता है, राउंड फिगर में 2.10 माना जा सकता है। हालांकि यह केवल एक अनुमान है। अंतिम फैसला 8वें वेतन आयोग की सिफारिशों और सरकार की मंजूरी के बाद ही होगा।
नहीं। किसी कर्मचारी की कुल सैलरी में कई हिस्से शामिल होते हैं-
इसलिए केवल फिटमेंट फैक्टर देखकर कुल वेतन का अनुमान नहीं लगाया जा सकता। एक आसान उदाहरण से इसे समझिए। मान लीजिए किसी कर्मचारी की मौजूदा बेसिक सैलरी 18,000 रुपये है। अगर 2.10 फिटमेंट फैक्टर लागू होता है तो उसकी नई बेसिक सैलरी 37,800 रुपये हो जाएगी। इसके बाद नई बेसिक के आधार पर एचआरए, ट्रांसपोर्ट अलाउंस और भविष्य का डीए जोड़ा जाएगा। कुछ विशेषज्ञों के अनुमान के मुताबिक ऐसे कर्मचारी की कुल मासिक सैलरी लगभग 61 हजार रुपये तक पहुंच सकती है। हालांकि यह केवल अनुमान है।
डीए यानी महंगाई भत्ता। यह कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को बढ़ती महंगाई से राहत देने के लिए दिया जाता है ताकि रोजमर्रा की बढ़ती लागत का असर उनकी आय पर कम पड़े।
केंद्र सरकार साल में दो बार डीए बढ़ाती है
हालांकि इसकी घोषणा कुछ समय बाद भी हो सकती है, लेकिन भुगतान एरियर के साथ किया जाता है।
फिलहाल केंद्रीय कर्मचारियों को 60 प्रतिशत महंगाई भत्ता मिल रहा है। जुलाई 2026 के डीए संशोधन को लेकर चर्चा तेज है। महंगाई और उपभोक्ता मुल्य सूचकांक के रुझानों के आधार पर दो से तीन प्रतिशत तक बढ़ोतरी की उम्मीद जताई जा रही है। हालांकि अंतिम फैसला सरकार ही करेगी।
डीए का फैसला कर्मचारियों के लिए औद्योगिक श्रमिक उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI-IW) के 12 महीने के औसत के आधार पर किया जाता है। अगर महंगाई बढ़ती है तो डीए भी बढ़ता है। अगर महंगाई कम रहती है तो डीए में बढ़ोतरी भी सीमित हो सकती है। उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (सीपीआई) पर आधारित भारत की खुदरा मुद्रास्फीति मई 2026 में बढ़कर 3.93% (अस्थायी)हो गई , जो अप्रैल में 3.48% थी। यह वृद्धि मुख्य रूप से खाद्य पदार्थों और ईंधन की बढ़ती कीमतों के कारण हुई, जिससे मुद्रास्फीति भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के 4.0% के मध्यम अवधि के लक्ष्य से मामूली रूप से नीचे आ गई।
एरियर की गणना संशोधित वेतन और पुराने वेतन के अंतर के आधार पर की जाती है। इसे एक उदाहरण से समझा जा सकता है: यदि किसी कर्मचारी का वेतन 50,000 रुपये से बढ़कर 55,000 रुपये हो जाता है, तो मासिक एरियर 5,000 रुपये होगा। यदि आयोग मई 2027 में लागू होता है, तो जनवरी 2026 से अप्रैल 2027 तक के 15 महीनों का एरियर (5,000 x 15) कुल 75,000 रुपये बनेगा, जिसका भुगतान एकमुश्त किया जाएगा।
आयोग अभी परामर्श के दौर में है। विभिन्न राज्यों और कर्मचारी संगठनों के साथ बैठकें चल रही हैं। आयोग अभी सुझाव जुटा रहा है।
अब तक फिटमेंट फैक्टर तय नहीं हुआ है।
नई वेतन मैट्रिक्स जारी नहीं हुई है।
नई पेंशन व्यवस्था पर फैसला नहीं हुआ है।
लागू होने की तारीख घोषित नहीं हुई है।
Source: https://www.amarujala.com/india-news/how-much-will-your-salary-rise-under-the-8th-pay-commission-a-complete-guide-to-fitment-factor-da-and-arrea-2026-06-29