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संयोग यह है कि 96 साल के फीफा विश्वकप इतिहास में अब तक जितनी भी टीमों ने ट्रॉफी जीती है, उनके कोच की राष्ट्रीयता भी उसी देश की रही है। यानी विश्वकप जीतने वाली हर टीम का कोच उसी देश का नागरिक था।
1930 में उरुग्वे के पहले विश्व चैंपियन बनने से लेकर 2022 में अर्जेंटीना की जीत तक यह पैटर्न लगातार देखने को मिला। यही वजह है कि फुटबॉल प्रशंसक अब इस संयोग को 2026 विश्वकप से जोड़कर देख रहे हैं।
उदाहरण के लिए 2010 में स्पेन ने खिताब जीता तो उसके कोच विसेंटे डेल बॉस्क स्पैनिश थे। 2014 में जर्मनी विश्व चैंपियन बना और उसके कोच योआखिम लोव जर्मनी से थे।
इसी तरह 2018 में फ्रांस के कोच डिडिएर डेशां और 2022 में अर्जेंटीना के कोच लियोनल स्कालोनी भी अपनी-अपनी राष्ट्रीय टीमों के ही नागरिक थे।
यह सिलसिला 1930 से अब तक नहीं टूटा है, जिसके कारण कई फैंस इसे 'वर्ल्ड कप का कर्स' या 'वर्ल्ड कप जीतने का फॉर्मूला' कहकर चर्चा कर रहे हैं।
इस पोस्ट पर फुटबॉल प्रशंसकों ने जमकर प्रतिक्रियाएं दी हैं। एक यूजर ने लिखा, 'तो क्या ब्राजील, इंग्लैंड और पुर्तगाल की उम्मीदें खत्म हो गईं?' ब्राजील के कोच कार्लो एंसेलोटी इटली के रहने वाले हैं। वहीं, इंग्लैंड के कोच थॉमस टुचेल जर्मनी से खेलते थे।
वहीं दूसरे यूजर ने पुर्तगाल के समर्थकों को उम्मीद देते हुए लिखा, 'रॉबर्टो मार्टिनेज इस कर्स को तोड़ देंगे।' फुटबॉल फैंस के बीच यह बहस लगातार तेज हो रही है कि क्या 96 साल पुराना यह रिकॉर्ड 2026 में भी कायम रहेगा या पहली बार टूट जाएगा।
फीफा विश्व कप 2026: मुख्य कोच और उनकी राष्ट्रीयता
Source: https://www.amarujala.com/sports/football/fifa-world-cup-s-incredible-coincidence-can-this-manager-nationality-pattern-predict-the-2026-champion-2026-06-15