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स्टार्मर के इस्तीफे के बाद लेबर पार्टी के नियमों के अनुसार कैबिनेट, पार्टी की नेशनल एग्जीक्यूटिव कमेटी यानी एनईसी से सलाह लेने के बाद मंत्रिमंडल के ही किसी सदस्य को कार्यवाहक प्रधानमंत्री के रूप में नियुक्त करेगी। यानी यह जरूरी नहीं है कि यह पद डिप्टी पीएम डेविड लैमी को ही मिले।

दूसरा विकल्प यह है कि स्टार्मर नए नेता के चुनाव की प्रक्रिया पूरी होने तक अंतरिम समय के लिए प्रधानमंत्री पद पर बने रहने की पेशकश कर सकते हैं। ब्रिटेन में विपक्षी कंजर्वेटिव पार्टी में यह प्रक्रिया सबसे ज्यादा प्रचलन में रही है।

किसी भी उम्मीदवार को प्रधानमंत्री पद की रेस में शामिल होने के लिए लेबर पार्टी के 20% सांसदों का समर्थन हासिल करना होगा। पार्टी के मौजूदा समय में 403 सांसद हैं, इसलिए चुनाव लड़ने के लिए कम से कम 81 सांसदों के हस्ताक्षर जरूरी होंगे।

इसके अलावा उम्मीदवार को अपने निर्वाचन क्षेत्र में पांच फीसदी लेबर पार्टी कार्यकर्ताओं या कम से कम तीन जुड़े हुए संगठनों (जिनमें से दो ट्रेड यूनियन होने चाहिए) का समर्थन भी हासिल करना होगा। स्टार्मर पहले से पीएम होने की वजह से पहले से इस रेस में शामिल रहेंगे।

अगर इन शर्तों को सिर्फ एक ही उम्मीदवार पूरा कर पाता है, तो उसे निर्विरोध लेबर पार्टी का नेता और प्रधानमंत्री चुन लिया जाएगा। हालांकि, अगर एक से ज्यादा उम्मीदवार मैदान में होते हैं, तो लेबर पार्टी के सदस्य और संबंधित संगठन मतदान करेंगे।

प्रधानमंत्री के चुनाव के लिए मतदान वरीयता के आधार पर होता है। अगर किसी उम्मीदवार को पहली पसंद के 50% से अधिक वोट मिल जाते हैं, तो वह जीत जाता है। अगर ऐसा नहीं होता है, तो सबसे कम वोट पाने वाले को हटा दिया जाता है और उसके वोट दूसरी पसंद के हिसाब से बांटे जाते हैं, जब तक कि किसी एक को बहुमत न मिल जाए।

Source: https://www.amarujala.com/world/united-kingdom-prime-minister-keir-starmer-resigns-political-turmoil-labour-party-andy-burnham-reform-uk-2026-06-22