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इस पूरे आयोजन की देखरेख के लिए ईरान के प्रथम उपराष्ट्रपति मोहम्मद रजा आरेफ की अध्यक्षता में एक समिति हफ्तों से काम कर रही है।

प्रमुख शहरों में सुरक्षा और भीड़ को नियंत्रित करने का जिम्मा इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर (आईआरजीसी) को सौंपा गया है।

रजवी खुरासान प्रांत के गवर्नर के मुताबिक, मशहद में भारी भीड़ को नियंत्रित करने और जनाजे को सुरक्षित रूप से ले जाने के लिए हेलीकॉप्टरों का इस्तेमाल किया जा सकता है।

परिवहन और अन्य लॉजिस्टिक व्यवस्थाओं का समन्वय ईरान का बसीज अर्धसैनिक बल कर रहा है।

बाहर से आने वाले वाहनों को संभालने के लिए तेहरान के राजमार्गों को अस्थायी पार्किंग में तब्दील किया जा रहा है।

लोगों के ठहरने के लिए मस्जिदों, स्कूलों, खेल परिसरों और यूनिवर्सिटी को आवास के तौर पर इस्तेमाल किया जाएगा।

राजधानी तेहरान के 22 जिले ईरान के 31 प्रांतों से आने वाले लोगों की मेजबानी करेंगे और शासन इंतजाम देखेगा।

इस दौरान व्यावसायिक उड़ानें रद्द रहने और प्रमुख शहरों में प्रवेश को कड़ाई से नियंत्रित किए जाने की उम्मीद है।

ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने इराक का दौरा कर नजफ और कर्बला के गवर्नरों के साथ मिलकर तैयारियों की समीक्षा की है।

इराक में अरबईन तीर्थयात्रा की तर्ज पर सुरक्षा और व्यवस्था की जा रही है, जहां आमतौर पर लाखों की संख्या में श्रद्धालु जुटते हैं।

शोक मनाने वालों के स्वागत और प्रबंधन के लिए हुसैनी जुलूसों और धार्मिक समूहों को लगाया गया है, जो पूरी व्यवस्था संभालेंगे।

नजफ अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से लेकर इमाम अली दरगाह तक सुरक्षा एजेंसियां विदेशी प्रतिनिधिमंडलों की व्यवस्था संभालेंगी।

Source: https://www.amarujala.com/world/iran-supreme-leader-ayatollah-ali-khamenei-largest-state-funeral-burial-after-131-days-mojtaba-khamenei-explai-2026-07-01