आजकल Gen-Z Dream Job के चक्कर मेंं ऑनलाइन स्कैम का निशाना बन रहे हैं। जल्द नौकरी पाने की चाह और FOMO के कारण Gen-Z रेड फ्लैग्स नजरअंदाज कर देते हैं। आईए जानते हैं स्कैमर्स कैसे जेन-जी को निशाना बना रहे हैं।
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‘Congratulations! You're Hired’. अगर आप भी यह मैसेज पढ़कर खुश हो रहे हैं, तो हो सकता है कि आप किसी बड़े स्कैम का शिकार होने जा रहे हैं। हैरानी की बात यह है कि ऐसे स्कैम्स के निशाने पर सबसे ज्यादा डिजिटल दुनिया में पले बढ़े Gen-Z हैं। पहली नौकरी, बेहतर पैकेज और जल्दी से जल्दी करियर सेट करने का प्रेशर। Gen-Z इस रेस में सबसे आगे हैं , लेकिन इसी जल्दबाजी का फायदा अब ऑनलाइन स्कैमर्स उठा रहे हैं।
GEN-Z को अक्सर डिजिटल नेटिव कहा जाता है। यह पीढ़ी इंटरनेट, सोशल मीडिया और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स के साथ बड़ी हुई है। लेकिन डिजिटल दुनिया की समझ होना, डिजिटल सुरक्षा की गारंटी नहीं है। 54% GEN-Z नहीं परखते जॉब ऑफर्स नई LinkedIn रिसर्च के मुताबिक, 82% प्रोफेशनल्स किसी भी जॉब के लिए आवेदन करने से पहले उसकी सच्चाई परखते हैं। वहीं, 53% लोगों का कहना है कि वह पिछले साल की तुलना में अब जॉब ऑफर्स पर ज्यादा शक करते हैं। वहीं, लगभग 49% GEN-Z उम्मीदवार किसी न किसी जॉब स्कैम का शिकार होते-होते बचे हैं। 54% युवाओं ने स्वीकार किया कि जब कोई जॉब बहुत आकर्षक लगती है तो वह उसके रेड फ्लैग को भी नजरअंदाज कर देते हैं। वहीं, यह आंकड़ा Gen X में सिर्फ 36% है। लेकिन समस्या जागरूकता की नहीं है। समस्या FOMO (Fear Of Missing Out) की है। जब कोई शानदार सैलरी, बड़ी कंपनी या करियर ग्रोथ का वादा करता है, तो कई Gen-z यह सोचकर रेड फ्लैग्स को नजरअंदाज कर देते हैं।
जॉब स्कैमर्स ने ठगने के तरीके भी बदले आज के जॉब स्कैम्स पुराने जमाने की ठगी जैसे नहीं हो रहे हैं। अब वह करोड़पति बनाने वाले फेक ईमेल नहीं भेजते हैं, बल्कि ऐसे जॉब ऑफर करते हैं, जो बिल्कुल रियल लगता हो। स्कैमर्स को पता होता है कि नौकरी की तलाश कर रहे Gen-Z के मन में क्या चल रहा है। उन्हें पता है कि रिजेक्शन के बाद एक अच्छा ऑफर कितना अट्रैक्टिव लगता है। Gen-Z पर ‘यह मौका हाथ से नहीं जाना चाहिए’ वाली फिलिंग हावी रहती है।
स्कैमर्स इसी का फायदा उठाकर रहे हैं। वह अक्सर ऐसे मैसेज भेजते हैं जिनमें लिखा होता है ‘Urgent Hiring’, ‘Limited Openings’ या ‘Immediate Joining। जल्दबाजी का माहौल बनाकर वह लोगों को बिना ज्यादा जांच-पड़ताल किए कदम उठाने पर मजबूर कर देते हैं।
20% युवाओं ने माना कि जॉब के विज्ञापन से होते हैं आकर्षित
18% ने माना रिक्रूटर से बात करने पर उन्हें जॉब पर शक हुआ
90% जॉब स्कैमर्स केवल पर्सनल मैसेजिंग ऐप पर ही करते हैं बात
इसके साथ ही एक और बड़ी गलतफहमी यह है कि लोग मान लेते हैं कि ऑनलाइन ठगी को पहचानना बहुत आसान है। लेकिन हकीकत में आज के जॉब स्कैम्स इतने प्रोफेशनल और भरोसेमंद दिखते हैं कि कई बार अनुभवी लोग भी धोखा खा जाते हैं।
आइए कुछ ऐसे स्कैम का शिकार हुए युवाओं से जानते हैं कि उनके साथ ये खेल कैसे हुआ? कंपनियां अक्सर रियल वर्क ना बताकर कुछ और बताती है। उसे एक Positive Hiring के तौर पर निकालती हैं। जैसे एक बार मुझे सोशल मीडिया पर Hiring दिखी। इसमें, वर्क फ्रॉम होम था, 2-3 घंटे का काम थे और सैलरी भी अच्छी थी। इसमें Communication Skill चाहिए थी। मुझे लगा कि मैं यह काम कर सकती हूं। यह शायद किसी पॉलिसी, प्रोडक्ट या कार्यक्रम के बारे में बातें करनी होगी। जब मैंने अप्लाई किया और अपनी सारी डिटेल्स गूगल फॉर्म में भरी तो मेरे पास कॉल आया। कॉल पर जब मैंने काम के बारे में पूछा तो उन्होंने खुद को मैनेजर बताया। उन्होंने कहा कि आपको 30-35 साल के लड़कों से बात करना होगा। उनका अकेलापन मिटाना है। मैंने कॉल कट कर दी फिर भी वह मुझे बार-बार वॉट्सएप पर कॉल करने लगे और वीडियो कॉल करने लगे। मुझे पता चल गया कि यह स्कैम है। मैंने ब्लॉक कर दिया। -सुरभि
मैंने अक्टूबर में एक कंपनी जॉवइन की थी। इस HIRING की जानकारी मुझे ऑनलाइन मिली थी। जहां मेरा काम सोशल मीडिया हैंडल को मैनेज करना था। जब यहां पर मेरे एक महीने पूरे हो गए तब कंपनी ने दिवाली की बात बोल कर पैसा नहीं दिया, कहा कि अगले महीने पूरा पैसा मिल जाएगा। इसके बाद मुझे नवंबर में भी सैलरी नहीं दी गई। तब मैंने नौकरी छोड़ दी। मैंने यहां पर दो महीने से अधिक काम किया, लेकिन उन्होंने अबतक मेरी सैलरी नहीं दी। मैंने कई बार कॉल किया, मैसेज किए, फॉलो-अप लिया, लेकिन हर बार कोई उचित प्रतिक्रिया नहीं मिली या फिर बात को टाल दिया गया। इसके बाद मैंने पता किया तो पता चला कि यह कंपनी फर्जी है। इस कंपनी ने पहले भी ऐसा कई लोगों के साथ किया है। -प्रगति
मैं जब कॉलेज के दूसरे साल में थी, तो मैंने कस्टमर सपोर्ट एग्जीक्यूटिव के रूप में काम शुरू किया। इस नौकरी की जानकारी मुझे ऑनलाइन मिली थी। कंपनी पहली नजर में सही लगी। मुझे ऑफर लेटर दिया गया। अभी मुझे कंपनी में कुछ ही दिन हुए थे कि एक दिन अचानक कंपनी में पुलिस आई। इस दौरान हमें पता चला कि कंपनी के सीनियर वहां कस्टमर के गुमराह करते थे। वह ग्राहकों से ओटीपी और अन्य गोपनीय जानकारियां लेते थे और पैसा निकालते थे। मुझे इसके बारे में कोई जानकारी नहीं थी। हालांकि पुलिस ने मुझसे भी पूछताछ की। उस वक्त मैं बहुत घबरा गई, मुझे लगा कि कोई मुझे दोषी ना मान ले। इसकी वजह से मेरी पढ़ाई, मेरा कॅरियर सब खत्म हो जाएगा। विशाखा
जो कंपनी ऑफर दे रही है, उसकी आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर देखें।
बातचीत WhatsApp या Telegram की जगह ऑफिशियल किया करें।
किसी भी नौकरी को जल्दबाजी में ज्वाइन करने से बचें, पूरी पड़ताल जरूरी।
अगर काम बहुत आसान है और सैलरी बहुत ज्यादा है, तो अलर्ट हो जाएं।
इंटरव्यू के दौरान अपना आधार, पैन कार्ड, या बैंक डिटेल्स शेयर न करें।
कोई भी कंपनी आपको काम देने या इंटरव्यू के लिए पैसे नहीं मांगती।
अगर कोई स्कैम हो जाए तो Cybercrime.gov.in पर अपनी शिकायत करें।
Source: https://www.amarujala.com/india-news/dream-job-or-trap-rush-for-a-career-is-taking-a-heavy-toll-on-gen-z-here-is-how-scammers-are-targeting-them-2026-06-10