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भारत सरकार ने अपने विमानन सुरक्षा नियामक, नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (डीजीसीए) को कड़ी फटकार लगाई है। यह फटकार अधिकारियों द्वारा परिवार के सदस्यों को विमानन क्षेत्र में नौकरी दिलाने के लिए अपने प्रभाव का उपयोग करने और ऐसी नियुक्तियों का खुलासा करने में देरी के कारण लगाई गई है। रॉयटर्स ने सरकारी दस्तावेजों के हवाले से एक रिपोर्ट में यह दावा किया है।
मंत्रालय चिंतित है कि डीजीसीए अधिकारी रिश्तेदारों की नौकरियों का खुलासा करना रोक सकते हैं। इससे वे उन एयरलाइंस की नियामक जांच नरम कर सकते हैं जिनकी वे निगरानी करते हैं। एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि एक डीजीसीए अधिकारी के करीब 12 रिश्तेदार विमानन क्षेत्र में कार्यरत पाए गए थे। मंत्रालय को इस बारे में अधिकारी की सेवानिवृत्ति के बाद ही पता चला। भारतीय नियम संघीय कर्मचारियों को परिवार के सदस्यों के लिए पद का उपयोग कर नौकरी सुरक्षित करने से रोकते हैं।
तत्कालीन डीजीसीए प्रमुख फैज अहमद किदवई ने जुलाई 2025 में हितों के टकराव के मामलों को आंतरिक रूप से संभालने हेतु अधिक शक्तियों की मांग की थी। उन्होंने तर्क दिया था कि मंत्रालय की मंजूरी प्रक्रिया से प्रशासनिक देरी होती है। हालांकि, मंत्रालय ने इस अनुरोध को अस्वीकार कर दिया। मंत्रालय ने कहा कि देरी या मंजूरी की कमी की जिम्मेदारी तय करने में डीजीसीए की अक्षमता चिंताजनक है। एक डीजीसीए सहायक निदेशक (इंजीनियरिंग) से उनकी बहन की एयर इंडिया में नौकरी को लेकर सवाल किया गया था।
Source: https://www.amarujala.com/business/business-diary/india-reprimands-aviation-regulator-dgca-over-conflict-of-interest-lapses-2026-07-22