खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
चीन खुद को परीक्षा शुचिता का मसीहा साबित करने की कोशिश तो कर रहा है, लेकिन उसकी अपनी व्यवस्था का सच लोहे के पर्दे के पीछे कैद है। गाओकाओ परीक्षा में भी प्रॉक्सी परीक्षार्थियों का संगठित सिंडिकेट, हाई-टेक ब्लूटूथ डिवाइस से सामूहिक नकल और अधिकारियों की मिलीभगत से पेपर लीक होने का एक लंबा और काला इतिहास रहा है।
फर्क सिर्फ इतना है कि चीन एक अधिनायकवादी कम्युनिस्ट देश है, जहाँ सच बोलने वाली जुबानों को खामोश कर दिया जाता है और राज्य के पास खबरों को दफन करने की असीमित ताकत है। वहाँ की कमियों पर इंटरनेशनल मीडिया या सोशल मीडिया में चर्चा तक करने की आजादी किसी नागरिक को नहीं है। ऐसे में अपनी दमनकारी गोपनीयता को अनुशासन का नाम देकर भारत जैसे जीवंत लोकतंत्र को ज्ञान देना चीन का दोहरा मापदंड है।
Source: https://www.amarujala.com/india-news/china-gaokao-vs-neet-attempts-corner-india-over-its-exams-using-parliamentary-committees-advice-as-shield-2026-06-12