माओवादी हिंसा के दौरान 2016 में धन सिंह पोटाई अपना गांव छोड़कर नारायणपुर आ गए थे. माओवादियों के खात्म के बाद वो अपने गांव लौटने की कोशिश कर रहे हैं. लेकिन गांव वालों को कहना है कि वो तभी गांव में रह पाएंगे, जब वो ईसाई धर्म छोड़ देंगे.

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