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पश्चिम बंगाल के दक्षिण 24 परगना जिले के बारुईपुर में नाबालिग बच्ची से दुष्कर्म और हत्या के बाद भड़की हिंसा में मारे गए युवक इंद्रजीत मंडल की मौत को लेकर मुख्यमंत्री ने शनिवार को बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि इंद्रजीत मंडल की मौत को मॉब लिंचिंग नहीं कहा जा सकता, क्योंकि उनकी पहचान उजागर होने के बाद उनकी हत्या की गई।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इस घटना के पीछे चुनाव में खारिज हो चुकी ताकतों की उकसावे वाली भूमिका हो सकती है। उन्होंने यह भी कहा कि कट्टरपंथी और सांप्रदायिक तत्वों की संलिप्तता की संभावना को पूरी तरह खारिज नहीं किया जा सकता।

बारुईपुर में मृतक के परिजनों से मुलाकात के बाद मुख्यमंत्री ने कहा कि इंद्रजीत मंडल की हत्या एक सुनियोजित अपराध की तरह दिखाई देती है। जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर सभी दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

मुख्यमंत्री ने मृतक के बड़े भाई बापी मंडल को बारुईपुर पुलिस जिले में सिविक वॉलंटियर के पद पर नियुक्ति पत्र सौंपा। साथ ही परिवार को 25 लाख रुपये की आर्थिक सहायता दी गई। राज्य सरकार ने मृतक के वृद्ध माता-पिता के लिए वृद्धावस्था पेंशन और अन्य सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का लाभ सुनिश्चित करने का भी फैसला किया है। मुख्यमंत्री ने बताया कि हिंसा के दौरान क्षतिग्रस्त हुए परिवार के घर की मरम्मत जिला प्रशासन ने दो दिनों के भीतर पूरी कर दी है।

इससे पहले मुख्यमंत्री ने दुष्कर्म और हत्या की शिकार नाबालिग बच्ची के परिवार से भी मुलाकात की और उन्हें न्याय दिलाने का भरोसा दिया। उन्होंने कहा कि परिवार की शिकायत के आधार पर नामजद चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है और दोषियों को ऐसी सजा दिलाई जाएगी, जो नजीर बनेगी।

उल्लेखनीय है कि चार जुलाई को नाबालिग बच्ची लापता हो गई थी। अगले दिन उसका शव सूरजपुर हाट इलाके के एक तालाब से बोरे में बंद हालत में बरामद हुआ। घटना के बाद इलाके में विरोध प्रदर्शन शुरू हो गए। इसी दौरान गुस्साई भीड़ ने ऑटो चालक इंद्रजीत मंडल को बच्ची की हत्या में शामिल होने के संदेह में पीट-पीटकर मार डाला।

पुलिस ने मॉब हिंसा के मामले में तीन और लोगों को गिरफ्तार किया है। इस मामले में अब तक पांच लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है। वहीं, दुष्कर्म और हत्या के मामले में चार लोगों को गिरफ्तार किया गया था, जिनमें से एक आरोपी की बाद में पुलिस मुठभेड़ में मौत हो गई।

मुख्यमंत्री ने कहा कि वीडियो फुटेज और तस्वीरों में जिन लोगों की पहचान हुई है, उन्हें किसी भी हालत में बख्शा नहीं जाएगा। हालांकि उन्होंने पुलिस अधिकारियों को यह भी निर्देश दिया कि जांच के दौरान किसी निर्दोष व्यक्ति को परेशान नहीं किया जाना चाहिए।

चार जुलाई को नाबालिग बच्ची लापता हुई थी।

अगले दिन उसका शव बोरे में बंद हालत में तालाब से बरामद हुआ।

घटना के बाद इंद्रजीत मंडल की पीट-पीटकर हत्या कर दी गई।

मुख्यमंत्री ने इसे मॉब लिंचिंग नहीं, बल्कि पहचान उजागर होने के बाद की गई हत्या बताया।

मॉब हिंसा के मामले में अब तक पांच लोगों को गिरफ्तार किया गया है।

पीड़ित परिवार को 25 लाख रुपये की आर्थिक सहायता और नौकरी दी गई है।

मुख्यमंत्री ने कट्टरपंथी और राजनीतिक उकसावे की आशंका जताई है।

Source: https://www.amarujala.com/india-news/baruipur-cm-suvendu-says-this-was-not-a-case-of-mob-lynching-2026-07-11