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बॉम्बे हाई कोर्ट ने घरेलू नौकरानी के साथ छेड़छाड़ के आरोपी को राहत देने से इनकार कर दिया। कोर्ट ने कहा कि भारत जैसे पारंपरिक समाज में, परिवारों को यौन उत्पीड़न और दुर्व्यवहार के मामलों की रिपोर्ट करने में कठिनाई होती है। इसके साथ ही एफआईआर दर्ज करने में देरी के कारण ऐसे मामलों को खारिज नहीं किया जा सकता है।

न्यायमूर्ति रणजीतसिंह भोंसले की एकल पीठ ने बुधवार को अपने आदेश में केरल के 58 वर्षीय एक व्यक्ति की ओर से दायर याचिका को खारिज कर दिया, जिसमें उसने अपने घरेलू सहायक की गरिमा को कथित रूप से ठेस पहुंचाने के आरोप में 2019 में उसके खिलाफ दर्ज एफआईआर को रद्द करने की मांग की थी।

Source: https://www.amarujala.com/india-news/delayed-complaint-in-a-case-of-harassment-against-a-woman-is-not-an-offense-relief-denied-to-the-accused-2026-06-12