खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
भारत-जापान संयुक्त आर्थिक मंच को संबोधित करते हुए ताकाइची ने इन घोषणाओं को दोनों देशों के बीच ऊर्जा सुरक्षा सहयोग में एक नया मील का पत्थर बताया।
उन्होंने कहा कि यह हरित अमोनिया परियोजना ऊर्जा सुरक्षा सहयोग में एक नए अध्याय का प्रतीक बनेगी।
उन्होंने कहा, हमारा सहयोग अब केवल ऊर्जा क्षेत्र तक सीमित नहीं है। इस साझेदारी का दायरा लगातार बढ़ रहा है। इसमें शामिल हितधारकों की संख्या भी बढ़ रही है, जिसमें स्टार्टअप और छोटे एवं मध्यम उद्यम भी शामिल हैं।
ताकाइची ने कहा, इस अवसर पर हम निजी क्षेत्र में लगभग 129 सहयोग समझौतों की घोषणा करते हैं, जिनके साथ 2 ट्रिलियन येन से अधिक का निवेश जुड़ा है।
उन्होंने कहा कि ऊर्जा सुरक्षा भारत-जापान सहयोग का सबसे अहम स्तंभ है।
उन्होंने पिछले महीने हुए जी7 शिखर सम्मेलन का जिक्र करते हुए कहा कि जापान ने मुक्त और पारदर्शी ऊर्जा व्यापार, ऊर्जा भंडार को मजबूत करने और ऊर्जा उत्पादक एवं उपभोक्ता देशों के बीच सहयोग बढ़ाने का प्रस्ताव दिया है।
उन्होंने कहा कि जापान की पावर एशिया पहल के तहत दोनों देश नए क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाएंगे, जिसमें पेट्रोलियम भंडारण को मजबूत करना भी शामिल है, ताकि क्षेत्रीय ऊर्जा सुरक्षा को सशक्त बनाया जा सके।
उन्होंने कहा, पावर एशिया पहल के माध्यम से हम इस दृष्टिकोण को वास्तविक कार्रवाई में बदल रहे हैं। आगे चलकर जापान और भारत नए सहयोग क्षेत्रों, जैसे पेट्रोलियम भंडारण को मजबूत करने के माध्यम से क्षेत्रीय ऊर्जा सुरक्षा को मिलकर सशक्त करेंगे।
उन्होंने कहा कि आज बड़ी संख्या में जापानी कंपनियां भारत को अफ्रीका में अपने विस्तार के आधार के रूप में उपयोग कर रही हैं। मुक्त और खुले हिंद-प्रशांत (एफओआईपी) ढांचे के तहत हम इस नए विकास मॉडल को वैश्विक दक्षिण के देशों तक बढ़ाएंगे, जिसमें अफ्रीका, एशिया और लैटिन अमेरिका शामिल हैं।
प्रधानमंत्री ताकाइची ने कहा कि जापान और भारत मिलकर मजबूत और अधिक समृद्ध बनने के साझा दृष्टिकोण को आगे बढ़ाएंगे।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि जापान की सटीक तकनीक और भारत की सॉफ्टवेयर क्षमता मिलकर वैश्विक कृत्रिम बुद्धिमत्ता विकास को नई गति और ताकत देंगे।
उन्होंने कहा कि दोनों देशों ने रक्षा क्षेत्र में अपने पहले सह-विकास परियोजना समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं। ऑस्ट्रेलिया और अमेरिका भी इस क्वाड समूह के अन्य सदस्य हैं, जिसे हिंद-प्रशांत क्षेत्र में चीन के बढ़ते प्रभाव को संतुलित करने वाला माना जाता है।
Source: https://www.amarujala.com/india-news/india-japan-agreements-ai-energy-defence-economic-security-pm-modi-takaichi-2026-07-02