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जब लोग संपत्ति बनाने के बारे में सोचते हैं, तो अक्सर इक्विटी निवेश का विचार मन में आता है। लंबी अवधि में, इक्विटी में आकर्षक रिटर्न देने की क्षमता होती है। लेकिन हर निवेशक के सामने एक आम चुनौती होती है, और वह है बाजार का उतार-चढ़ाव।

आसान शब्दों में कहें तो एग्रेसिव हाइब्रिड फंड्स एक ही थाली में दो अलग-अलग स्वाद हैं। यह कोई जादू नहीं, बल्कि सेबी के कड़े नियमों के तहत तैयार किया गया एक बेहतरीन एसेट एलोकेशन मॉडल है।

इस फंड का एक बड़ा हिस्सा (65-80%) शेयर बाजार (ज्यादातर लार्जकैप और थोड़ा मिड व स्मॉलकैप) में लगाया जाता है। यह हिस्सा लंबी अवधि में आपकी संपत्ति को महंगाई से ऊपर रखने का काम करता है।

बाकी बचा हिस्सा (20-35%) बेहद सुरक्षित सरकारी प्रतिभूतियों, कॉरपोरेट बॉन्ड्स और मनी मार्केट इंस्ट्रूमेंट्स में निवेश किया जाता है। यह हिस्सा बाजार की मंदी में पूरे पोर्टफोलियो को एक मजबूत सुरक्षा देता है।

चूंकि इस फंड में न्यूनतम 65% हिस्सा हमेशा शेयरों में रहता है, इसलिए इस पर इक्विटी म्यूचुअल फंड की तरह टैक्स लगता है। यानी आपको डेट की सुरक्षा मिलती है और टैक्स इक्विटी का देना पड़ता है।

जून 2023 से मई 2026 तक के एक-साल के रोलिंग रिटर्न के आंकड़ों को देखें, तो औसत लार्जकैप फंड का स्टैंडर्ड डेविएशन 14.85 फीसदी रहा है, जबकि एग्रेसिव हाइब्रिड फंड का औसत स्टैंडर्ड डेविएशन 10.74 फीसदी रहा। यह अंतर साफ दिखाता है कि एग्रेसिव हाइब्रिड फंड्स न केवल बाजार गिरने पर आपका पैसा बचाते हैं, बल्कि आम दिनों के उतार-चढ़ाव में भी आपको चेन की नींद सोने का मौका देते हैं।

(स्रोत: वैल्यू रिसर्च, आंकड़े प्रतिशत में निगेटिव रिटर्न दर्शाते हैं। डाटा वर्ष 2006 से आगे का है।)

पहली बार इक्विटी मार्केट में प्रवेश कर रहे हैं और समझ नहीं पा रहे कि कहां से शुरू करें।

जो लार्जकैप जैसा रिटर्न तो चाहते हैं, लेकिन बाजार के बड़े झटकों को झेलने की मानसिक क्षमता नहीं रखते।

जिनका निवेश का नजरिया कम से कम 5 वर्ष या उससे अधिक का है।

Source: https://www.amarujala.com/business/business-diary/money-tips-large-cap-like-returns-and-better-protection-during-downturn-caution-essential-who-should-invest-2026-07-20