टिशू पेपर को बनाना एक ऐसी प्रक्रिया है, जिसके हर पड़ाव में पर्यावरण को नुकसान के अलावा और कुछ नहीं पहुंचता. मतलब टिशू के बनने से लेकर उसके खात्मे तक पर्यावरण को चोट ही चोट पहुंचती है.
Source: https://ndtv.in/india/trees-cut-down-every-year-for-tissue-papers-vs-hand-dryers-explained-11918086#publisher=newsstand