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जनसांख्यिकी विशेषज्ञों का अनुमान था कि भारत 2030 से 2035 के बीच रिप्लेसमेंट स्तर (2.1) से नीचे जाएगा। लेकिन, गिरावट की रफ्तार इतनी तेज रही कि भारत ने 2020 के आसपास ही इस आंकड़े को छू लिया।

2022 में राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण (एनएफएचएस) के आंकड़ों से यह स्पष्ट हो गया कि सभी समुदायों- हिंदू, मुस्लिम, अन्य में प्रजनन दर तेजी से गिर रही है।

संयुक्त राष्ट्र जनसंख्या कोष (यूएनएफपीए) की 2025 की रिपोर्ट और हालिया सैंपल रजिस्ट्रेशन सिस्टम (एसआरएस) 2024 की रिपोर्ट के मुताबिक, भारत की कुल प्रजनन दर अब गिरकर 1.9 रह गई है। एक स्थिर जनसंख्या बनाए रखने के लिए 2.1 प्रजनन दर को रिप्लेसमेंट स्तर माना जाता है। यानी इसके बाद से भारत में जनसंख्या का गिरना शुरू होगा।

दिल्ली में प्रजनन दर भारत में सबसे कम है। यहां टीएफआर 1.2 बच्चे प्रति महिला दर्ज की गई है।

इसके बाद केरल, तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल का स्थान आता है, जहां प्रजनन दर गिरकर 1.3 पर आ गई है।

केंद्र शासित प्रदेश चंडीगढ़ में भी यह दर काफी कम, लगभग 1.4 है।

बिहार में प्रजनन दर पूरे भारत में सबसे आगे है। यहां टीएफआर 2.9 बच्चे प्रति महिला का है।

इसके बाद उत्तर प्रदेश (2.6), मध्य प्रदेश (2.4), राजस्थान (2.3), छत्तीसगढ़ (2.2) और झारखंड (2.1) का नंबर आता है।

शादियों में देरी और करियर पर अधिक ध्यान केंद्रित करना।

शहरों में आवास का बहुत महंगा होना और घरों का आकार छोटा होना।

बच्चों की परवरिश में लगने वाले भारी वित्तीय निवेश का दबाव।

Source: https://www.amarujala.com/india-news/india-falling-birth-rate-total-fertility-rate-decline-replacement-level-up-mp-south-states-tfr-elon-musk-china-2026-06-09